पटना: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण दरभंगा जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जिले के करीब 20 गांव जलमग्न हो चुके हैं, जबकि 6 गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो गए हैं। इन गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है और लोगों की आवाजाही अब केवल नाव के सहारे हो रही है।

दरभंगा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्कूल, बाजार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। कई परिवारों के घरों में पानी घुसने से उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नाव ही अब एकमात्र सहारा बची है।

वहीं, शनिवार को बगहा, बेतिया, पूर्णिया, अररिया, खगड़िया, बक्सर और जहानाबाद समेत बिहार के सात जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की आशंका को और बढ़ा दिया है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के पांच जिलों के लिए बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में मानसून और सक्रिय हो सकता है, जिससे उत्तर बिहार के कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। स्थानीय अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखने के

निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो उत्तर बिहार की कई नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन बाढ़ की स्थिति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।