पाँच दिनों से जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों की तंग गलियों तक हर जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। नगर निगम की सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण अब तक करीब 750 टन कचराशहर में जमा हो चुका है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।

शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। कई जगह अस्थायी कूड़ा प्वाइंट बन चुके हैं, जहां से उठने वाली दुर्गंध आसपास के लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रही है। लगातार हो रही बारिश और उमस के बीच सड़ता कचरा संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से घरों से निकलने वाला कचरा नहीं उठाया गया है, जिसके कारण सड़कों पर गंदगी फैल

गई है। दुकानदारों और राहगीरों को भी बदबू और गंदगी के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

नगर निगम की ओर से सीमित संसाधनों के जरिए कुछ इलाकों में सफाई कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हड़ताल के चलते यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हड़ताली कर्मचारियों से लगातार बातचीत की जा रही है ताकि जल्द से जल्द समाधान निकाला जा सके और शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य हो सके।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द कचरे का निस्तारण नहीं हुआ तो मच्छरों और मक्खियों की संख्या बढ़ने के साथ डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

फिलहाल शहरवासी हड़ताल समाप्त होने और नियमित सफाई व्यवस्था बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि हर गुजरते दिन के साथ गंदगी और दुर्गंध की समस्या और गंभीर होती जा रही है।

 
 
 
 
क्योंकि हर गुजरते दिन के साथ गंदगी और दुर्गंध की समस्या और गंभीर होती जा रही है।

 
 
 
 
 
 

पाँच दिनों से जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों की तंग गलियों तक हर जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। नगर निगम की सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण अब तक करीब 750 टन कचराशहर में जमा हो चुका है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।

शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। कई जगह अस्थायी कूड़ा प्वाइंट बन चुके हैं, जहां से उठने वाली दुर्गंध आसपास के लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रही है। लगातार हो रही बारिश और उमस के बीच सड़ता कचरा संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से घरों से निकलने वाला कचरा नहीं उठाया गया है, जिसके कारण सड़कों पर गंदगी फैल गई है। दुकानदारों और राहगीरों को भी बदबू और गंदगी के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

नगर निगम की ओर से सीमित संसाधनों के जरिए कुछ इलाकों में सफाई कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हड़ताल के चलते यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हड़ताली कर्मचारियों से लगातार बातचीत की जा रही है ताकि जल्द से जल्द समाधान निकाला जा सके और शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य हो सके।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द कचरे का निस्तारण नहीं हुआ तो मच्छरों और मक्खियों की संख्या बढ़ने के साथ डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

फिलहाल शहरवासी हड़ताल समाप्त होने और नियमित सफाई व्यवस्था बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि हर गुजरते दिन के साथ गंदगी और दुर्गंध की समस्या और गंभीर होती जा रही है।