पटना: बिहार में पर्यटन और परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य में कुल 8 रोपवे परियोजनाओं को विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। इनमें सबसे आकर्षक परियोजनाओं में से एक गंगा नदी के ऊपर करीब 7 किलोमीटर लंबा रोपवे है, जिसके जरिए पटना के मरीन ड्राइव क्षेत्र से सोनपुर स्थित प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर तक पहुंचने की योजना बताई जा रही है।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद लोगों को गंगा के ऊपर से सफर करने का अनोखा अनुभव मिलेगा। यह रोपवे न सिर्फ यात्रा को आसान बनाने में मदद कर सकता है, बल्कि बिहार में पर्यटन को भी नई ऊंचाई देने की उम्मीद है।

गंगा के ऊपर 7 किलोमीटर का सफर

प्रस्तावित रोपवे की लंबाई करीब 7 किलोमीटर बताई जा रही है। इसका उद्देश्य पटना के मरीन ड्राइव क्षेत्र को सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर से जोड़ना है। गंगा के ऊपर से गुजरने वाला यह सफर यात्रियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

अगर यह परियोजना धरातल पर उतरती है, तो यात्रियों को सड़क और पुल के अलावा हवा में सफर करने का एक नया विकल्प मिलेगा। साथ ही, गंगा नदी और आसपास के इलाकों का मनोरम दृश्य भी इस यात्रा को खास बना सकता है।

वाराणसी की तर्ज पर दिखेगा नया अनुभव

बिहार में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं को धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वाराणसी में रोपवे परियोजना के बाद जिस तरह शहरी परिवहन और पर्यटन को लेकर नई संभावनाएं बनी

हैं, उसी तरह बिहार में भी रोपवे नेटवर्क विकसित करने की तैयारी की जा रही है।

गंगा पर प्रस्तावित रोपवे खास तौर पर धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। सोनपुर का हरिहरनाथ मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

बिहार में 8 रोपवे परियोजनाओं की योजना

राज्य में सिर्फ गंगा रोपवे ही नहीं, बल्कि अलग-अलग पर्यटन और धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए कुल 8 रोपवे परियोजनाओं पर काम किए जाने की योजना है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है।

रोपवे के जरिए ऐसे क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो सकती है जहां सड़क मार्ग से यात्रा करने में अधिक समय लगता है या भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होती हैं।

पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

गंगा के ऊपर रोपवे बनने से बिहार में पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। मरीन ड्राइव और हरिहरनाथ मंदिर के बीच सीधा रोपवे कनेक्शन बनने से पटना और सोनपुर के पर्यटन सर्किट को भी मजबूती मिल सकती है।

हालांकि, परियोजना की अंतिम स्वीकृति, निर्माण शुरू होने की तारीख, लागत और संचालन की समयसीमा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इन पहलुओं

है। मरीन ड्राइव और हरिहरनाथ मंदिर के बीच सीधा रोपवे कनेक्शन बनने से पटना और सोनपुर के पर्यटन सर्किट को भी मजबूती मिल सकती है।

हालांकि, परियोजना की अंतिम स्वीकृति, निर्माण शुरू होने की तारीख, लागत और संचालन की समयसीमा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इन पहलुओं की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

अगर परियोजना प्रस्ताव के मुताबिक आकार लेती है, तो गंगा के ऊपर रोपवे का सफर बिहार के लिए एक नया पर्यटन अनुभव होगा और आने वाले वर्षों में यह राज्य के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है।