उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुए अलीगंज कोचिंग अग्निकांड ने कई मासूमों की जिंदगी छीन ली। रिहायशी इलाके में बनी यह बिल्डिंग पूरी तरह से अवैध थी इस बिल्डिंग का निर्माण नियमों की अनदेखी करते हुए किया गया था। इस अग्निकांड में कुल 15 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है और बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एस आई टी का गठन किया गया है ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई हो सके। इसके अलावा अग्निकांड की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल के गठन का भी निर्देश दिया गया है। शुरुआती जांच में लखनऊ पुलिस ने 6 लोगों पर एफ आई आर दर्ज किया है और अन्य चार लोगों को हिरासत में लिया है मरने वालों में ज्यादातर छात्र शामिल हैं ।यह बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर अपनी क्लास अटेंड कर रहे थे। फिलहाल पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक को हिरासत में ले लिया है इसके अलावा चार अधिकारियों को भी तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि-आग से बचने के लिए आठ छात्र बिल्डिंग से कूद गए। घटना के एक वायरल वीडियो में छात्रों को इमारत की पहली मंजिल से कूदते हुए दिखाया जा रहा है। इमारत में आग दोपहर 2:30 बजे के आसपास लगी थी जिस पर 3 घंटे बाद काबू पाया गया हालांकि आग लगने की सही वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। इस घटना पर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेताओं ने शोक

व्यक्त किया है, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले पर जल्द से जल्द जांच कर दोषियों को सजा देने की मांग की है। यह कोई पहली बार हुई घटना नहीं है इससे पहले गुजरात के कोचिंग सेंटर में ऐसे ही अग्निकांड से कई छात्रों की मौत हो गई थी, इसके बाद सरकार द्वारा देश के सभी कोचिंग संस्थानों में ऐसी दुर्घटना से बचने के लिए नियमों का पालन करने के लिए कहा गया था लेकिन यह सभी बातें कागज़ों में ही लिखित रह गईं क्योंकि अगर इस पर अमल होता तो आज इतनी बड़ी घटना नहीं होती। कुछ साल पहले दिल्ली के राजेंद्र नगर के एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी। मृत्यु केवल छात्रों की नहीं हुई बल्कि देश के उज्जवल भविष्य की हुई है वह केवल छात्र नहीं थे बल्कि भविष्य के डॉक्टर इंजीनियर और मानव संसाधन थे।