अब सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी आपकी बात! बिहार में 'सहयोग' कार्यक्रम और 'सहयोग पथ' का हुआ शुभारंभ
बिहार सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निवारण के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में राज्य स्तरीय 'सहयोग' कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया है। सुशासन को मजबूत करने और जनता से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह कार्यक्रम पूर्ववर्ती 'जनता दरबार' की तर्ज पर काम करेगा, लेकिन इसमें तकनीकी और ढांचागत रूप से कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।
इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ ही मुख्यमंत्री ने फरियादियों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय में नवनिर्मित 'आवेदन प्राप्ति केंद्र' और वहां तक पहुंचने वाले 'सहयोग पथ' का भी उद्घाटन किया।
क्या है 'सहयोग कार्यक्रम' और इसके मुख्य उद्देश्य?
यह कार्यक्रम मुख्य रूप से उन नागरिकों के लिए है जो जिला स्तर पर लोक शिकायत निवारण या अन्य माध्यमों से की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।अब ऐसे असंतुष्ट आवेदक सीधे राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रख सकेंगे।
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कब होगी सुनवाई: यह कार्यक्रम हर महीने के दूसरे मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' सभागार में आयोजित किया जाएगा।
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ऑन-स्पॉट समाधान: शिविर में मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो शिकायतों
सात निश्चय का हिस्सा: यह पहल राज्य सरकार के 'सात निश्चय पार्ट-3' के अंतर्गत 'सबका सम्मान, जीवन आसान' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में बढ़ाया गया कदम है।
आवेदन प्राप्ति केंद्र और 'सहयोग पथ' का उद्घाटन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय के अंतर्गत नए आवेदन प्राप्ति केंद्र का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। इसके साथ ही देशरत्न मार्ग से लेकर सचिवालय के इस केंद्र तक आने वाले मार्ग को 'सहयोग पथ' का नाम दिया गया है, जिसका विधिवत उद्घाटन किया गया। इस नई व्यवस्था से अब दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को अपने आवेदन जमा करने और अधिकारियों तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी।
सहयोग कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कैसे करें?
यदि आप भी जिला स्तर की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं और इस राज्य स्तरीय शिविर में शामिल होना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया बेहद सरल और डिजिटल है:
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आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले बिहार
यदि आप भी जिला स्तर की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं और इस राज्य स्तरीय शिविर में शामिल होना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया बेहद सरल और डिजिटल है:
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आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल
sahyog.bihar.gov.inपर लॉग इन करें। -
विवरण दर्ज करें: 'राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम' का चयन करने के बाद, अपनी पूर्व शिकायत का रेफरेंस नंबर और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें।
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ओटीपी सत्यापन: आपके मोबाइल पर आए OTP के जरिए सत्यापन करते ही पुराने आवेदन का पूरा विवरण स्क्रीन पर स्वतः आ जाएगा।
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एसएमएस से सूचना: प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के बाद जिन मामलों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, उन आवेदकों को शिविर की तारीख, समय और स्थान की जानकारी SMS के माध्यम से भेजी जाएगी।
हेल्पलाइन सुविधा: इस कार्यक्रम या आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए सरकार ने 24 घंटे कार्यरत निशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1100 भी जारी किया है।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: संवेदनशील रहें अधिकारी
शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनता की शिकायतों को ठंडे बस्ते में न डाला जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
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किसी भी आवेदन को दस्तावेजों की मामूली कमी के कारण सीधे खारिज (अस्वीकृत) न किया जाए, बल्कि आवेदक को नोटिस देकर जरूरी दस्तावेज जमा करने का मौका दिया जाए।
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पात्र लाभार्थियों को हर हाल में अगले महीने की 10 तारीख तक पेंशन राशि का भुगतान सुनिश्चित हो।
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सरकारी अमला आम नागरिकों के साथ पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ पेश आए।
सरकार का लक्ष्य है कि इस नई त्रि-स्तरीय और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए नागरिकों की 90% से अधिक समस्याओं का समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर कर दिया जाए।




