चिकित्सा विज्ञान और न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में भारत ने एक ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। दरअसल एम्स पटना ने जटिल ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी को बेहद ही सटीक और सुरक्षित बनाने के लिए देश का पहला पूर्णथह स्वदेशी उपकरण सरज रिटरेक्टर विकसित किया है। यह अभूतपूर्व पूर्व नवाचार न केवल मस्तिष्क ऑपरेशन के दौरान जोखिम को कम करेगा बल्कि चिकित्सा उपकरणों के बाजार में विदेशी निर्भरता को खत्म करके आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में मिल का पत्थर भी साबित होगा। इस अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरण को तैयार करने के पीछे एम्स पटना के न्यूरोसर्जरी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉक्टर सरज कुमार सिंह की कड़ी मेहनत और विजन शामिल है। डॉ सरज द्वारा तैयार किए गए उपकरण की डिजाइन की महत्ता को देखते हुए भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर डिजाइन रजिस्ट्रेशन प्रदान किया है। इसके साथ ही इस उपकरण का नाम सरज रिटरेक्टर को ट्रेडमार्क का दर्जा भी दिया है। जो अब आधिकारिक रूप से एम्स पटना के नाम पर सुरक्षित है। आपको बता दें कि यह उपकरण अत्यधिक प्रभावी होने के साथ बेहद कम लागत में तैयार हो सकता है।एम्स पटना की यह गौरवशाली पहल चिकित्सा के क्षेत्र में भारतीय डॉक्टरों की असीमित प्रतिभा और क्षमता का एक स्वर्णिम उदाहरण है।
एम्स पटना को मिली बड़ी कामयाबी




