सीबीआई (CBI) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 के पेपर लीक मामले में एक बहुत बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, एक आरोपी के मोबाइल फोन से बरामद किए गए 132 हस्तलिखित (handwritten) सवालों में से 111 सवाल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के असली मास्टर प्रश्न पत्र से हूबहू मैच कर गए हैं।

कोर्ट में पेश किए गए पुख्ता सबूत

यह सनसनीखेज जानकारी सीबीआई ने दिल्ली की एक अदालत में लातूर के एक कोचिंग सेंटर मालिक, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की जमानत याचिका का विरोध करते हुए दी।

  • जांच के दौरान सीबीआई ने मोटेगांवकर के फोन से 36 तस्वीरें बरामद की थीं, जिनमें केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के 132 हस्तलिखित सवाल थे।

  • जब इन सवालों की फोरेंसिक और एक्सपर्ट्स से जांच कराई गई, तो पाया गया कि इनमें से 111 सवाल सीधे तौर पर NTA के असली प्रश्न पत्र से मिलते थे।

5 लाख की रिश्वत और गहरी साजिश

सीबीआई के मुताबिक, आरोपी मोटेगांवकर इस पूरे पेपर लीक रैकेट और साजिश का एक अहम हिस्सा था:

  • उसने परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के इन लीक हुए सवालों को हासिल करने के लिए ₹5 लाख की रिश्वत दी थी।

  • आरोप है कि यह पेपर NTA के उस पैनल सदस्य पी.वी. कुलकर्णी द्वारा लीक किया गया था, जो प्रश्न पत्र तैयार करने वाली टीम में शामिल थे।

  • मोटेगांवकर ने ये हस्तलिखित नोट्स उन सवालों से तैयार किए थे, जो कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में पढ़ाए गए थे,

जहां मोटेगांवकर का बेटा पढ़ता था।

देशभर में मचा था हड़कंप

सीबीआई की डिजिटल जांच और फोन के मेटाडेटा एनालिसिस से पता चला है कि ये तस्वीरें 23 अप्रैल, 2026 को ली गई थीं—यानी 3 मई को होने वाली परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही पेपर लीक हो चुका था।

इस बड़े पैमाने पर हुए लीक और विवाद के बाद, NTA ने 12 मई को 3 मई की परीक्षा रद्द कर दी थी और 21 जून को दोबारा परीक्षा (Re-exam) आयोजित की थी। इस पूरे मामले में सीबीआई अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।