भारत और चीन के बीच लिपुलेख दर्रे से होने वाले सीमा व्यापार पर पिछले 6 वर्षों से लगा रोक अब हटा लिया गया है और दोबारा इसे शुरू करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।26 जून को 26 भारतीय व्यापारियों का दल तिब्बत में प्रवेश करेगा प्रशासन इसके लिए 26 ट्रेड पास जारी कर दिए गए हैं और व्यापार को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां भी पूरी कर ली गई है इसके अलावा व्यापार प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए गुंजी में कस्टम कार्यालय भी खोला गया है, प्रशासन को अब तक 103 से अधिक व्यापारियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं और जल्द ही 25 अन्य व्यापारियों के पास भी जारी कर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि भारत चीन सीमा व्यापार 1991 में दोबारा शुरू हुआ था लेकिन 2020 में कोरोना महामारी के कारण इस रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था इसके बाद इस रास्ते से होने वाले सारे व्यापार पूरी तरह से ठप पड़ गए थे। सीमा व्यापार के फिर शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्र के व्यापारीयों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई उम्मीद मिलेगी और यह कदम भारत चीन सीमा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी नए अवसर लेकर आएगा।