उत्तर प्रदेश के मुजफ्फर नगर जिले में बिहार और अन्य दूसरे राज्यों से आये 12 बंधुआ मज़दूरों को पुलिस ने रिहा करवाया है। दरअसल मुजफ्फरनगर के फैक्ट्री में इन सभी मजदूरों को नौकरी का झांसा देकर इन्हें बंधक बनाया गया और कई तरह की अमानवीय यातनाएं दी गई। पीड़ितों ने बयान दिया है कि उन्हें विरोध करने पर कुत्ते से कटवाए जाता था भूखा रखा जाता था और गर्म लोहे के सलाखों से उनके शरीर पर दागा जाता था और खाने के लिए केवल सूखी रोटी दी जाती थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी बंधुआ मजदूरी और हत्या के प्रयास के जैसे गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। ऐसी अमानवीय घटनाएं हमें सोचने पर मजबूर कर देती है क्या हम सचमुच 21वीं सदी में रह रहे हैं विश्वास नहीं होता कि जिस बंधुआ मजदूरी के बारे में हम किताबों में पढ़ते आए हैं वह 2026 में हमें देखने के लिए मिलेगा। मजदूरों पर हो रहे अत्याचार का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें पीड़ित बिहार के कटिहार जिले का बताया जा रहा है जो फैक्ट्री में काम करने पर मना करता है तो फैक्ट्री का मालिक उसे बेरहमी से सड़क पर पीटता है। आपको बता दे कि यह दोनों घटनाएं मुजफ्फरनगर की ही है पुलिस द्वारा दोनों घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर कार्रवाई की जा रही है।
12 बंधुआ मज़दूरों को पुलिस ने रिहा करवाया




