उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़े भाई को दिया। उनके बड़े भाई IIT दिल्ली से पढ़ाई कर चुके हैं और वर्तमान में अमेरिका में पीएचडी कर रहे हैं, जिनसे उन्हें समय प्रबंधन और अनुशासन की प्रेरणा मिली।
NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को संदेश देते हुए आयुष ने कहा कि "सफलता केवल पढ़ाई के घंटों से नहीं, बल्कि पढ़ाई की गुणवत्ता, नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच से मिलती है। पढ़ाई के साथ कोई अच्छी हॉबी जरूर रखें, ताकि मानसिक तनाव कम हो और एकाग्रता बनी रहे।"
आयुष की यह उपलब्धि न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के उन छात्रों के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें मेहनत के दम पर पूरा करने का साहस रखते हैं।




