पटना/नवादा: बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज निवासी आयुष भालोटिया ने NEET-UG 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ वह बिहार के स्टेट टॉपर भी बने हैं। उनकी सफलता ने पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है और लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

720 में से 710 अंक हासिल करने वाले आयुष का कहना है कि केवल लंबे समय तक पढ़ाई करना ही सफलता की कुंजी नहीं है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए शतरंज खेलना, सीमित मनोरंजन और अन्य सकारात्मक गतिविधियां भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा थीं। उनका मानना है कि एक्स्ट्रा एक्टिविटी से तनाव कम होता है और पढ़ाई में बेहतर फोकस बना रहता है।

आयुष ने बताया कि उनकी तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा NCERT की गहरी पढ़ाई, नियमित रिवीजन और लगातार मॉक टेस्ट थे। वे पिछले दो वर्षों से

नियमित क्लासरूम कोचिंग के साथ प्रतिदिन लगभग 7 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे। हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करना उनकी सफलता की प्रमुख रणनीति रही।

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़े भाई को दिया। उनके बड़े भाई IIT दिल्ली से पढ़ाई कर चुके हैं और वर्तमान में अमेरिका में पीएचडी कर रहे हैं, जिनसे उन्हें समय प्रबंधन और अनुशासन की प्रेरणा मिली।

NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को संदेश देते हुए आयुष ने कहा कि "सफलता केवल पढ़ाई के घंटों से नहीं, बल्कि पढ़ाई की गुणवत्ता, नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच से मिलती है। पढ़ाई के साथ कोई अच्छी हॉबी जरूर रखें, ताकि मानसिक तनाव कम हो और एकाग्रता बनी रहे।"

आयुष की यह उपलब्धि न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के उन छात्रों के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें मेहनत के दम पर पूरा करने का साहस रखते हैं।

 
 
 
जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें मेहनत के दम पर पूरा करने का साहस रखते हैं।