बिहार का हाईटेक शवदाह गृह आजकल काफी सुर्खियों में है, विपक्ष ही नहीं आम लोग भी कह रहे हैं कि सरकार शव दाह गृह को एक निजी संस्था को सौंप कर श्मशान घाटों का निजीकरण करने जा रही है। दरअसल पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बांस घाट स्थित आधुनिक शव दाह गृह का निर्माण करवाया गया है। इसे बिहार अर्बन infrastructure डेवलपमेंट कार्पोरेशन ने 89 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से बनाया है और इसके बाद बिहार सरकार ने सद्गुरु जग्गी वासुदेव के इशा फाऊंडेशन को ₹1 की लीज पर 10 वर्षों के लिए दे दिया है और यह सारा विवाद इसी कारण से हो रहा है। विपक्ष और आम लोगों का मानना है कि पहले श्मशान घाट का खर्च काम आता था और इसकी निजीकरण से यह खर्च बढ़ जाएगा जिसका सीधा असर लोगों पर पड़ेगा। शमशान घाट के निजीकरण से पार्थिव शरीर के दाह संस्कार में लगने वाले पैसे की बढ़ोतरी के कयास लगाए जा रहे हैं।