कॉकरोच जनता पार्टी
एक केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत द्वारा युवाओं और कॉक्रोच को लेकर दिए गए बयान के बाद एक सोशल मीडिया कैंपेन कॉक्रोच जनता पार्टी अपने अस्तित्व में आई है। हालांकि, इसके बाद ज4स्टिस सूर्यकांत ने अपनी टिप्पणिययों पर सफाई देते हुए कहा था कि मीडिया के एक वर्ग ने उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया है।
ग़ौरतलब है कि जस्टिस सूर्यकांत के कॉक्रोच वाले बयान के बाद एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया कैंपेन ख़ासी चर्चा में रही है और ये सोशल मीडिया कैंपेन है कॉकरोच जनता पार्टी यानी सी. जे. पी। इसके बाद इंटरनेट पर इसके नाम से वेबसाइट बन चुकी है और इंस्टाग्राम पर इसके 40 लाख से अधिक फॉलोअर हो चुके हैं और दो लाख से अधिक लोगों ने वेबसाइट पर इसकी सदस्यता के लिए खुद को रजिस्टर्ड किया है।
ये तो हो गई सी जे पी के अस्तित्व में आने की कहानी पर हर आंदोलन को एक नेता की जरुरत होती है और सी जे पी के फाउंडर और नेता हैं बोस्टन यूनिवर्सिटी के 30 वर्षीय पी.आर स्टूडेंट अभिजीत दीपके।
इंटरनेट पर सी जे पी के बनते ही 72 घंटे के अंदर इसकी मेंबरशिप काउंट 1 लाख तक पहुँच गया था। इसके अलावा विपक्ष के कई नेताओं और भारतीय सीने जगत की बड़ी हस्तियां इसमें शामिल होने की इच्छूk दिखी और उन्होंने सीजेपी को अपना सपोर्ट दिया। आपको बता दें कि -
Tmc सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने इस पार्टी की सिंबॉलिक मेम्बरशिप ली ।
इंडिया ट्रेंड्स पर मैं भी
सी जे पी के फाउंडर अभिजीत दीपके का कहना है कि वह किसी भी पार्टी से नहीं जुड़ेंगे और उनका विपक्ष की किसी पार्टी से कोई संबंध नही है।
सी जे पी के मेनिफेस्टो में पांच बिंदुओ को शामिल किया गया है।
1. सेवा निवृत सी जे आई को राज्य सभा की सदस्यता नहीं दी जाएगी।
2. वोट डिलीट होने या चुनाव के दौरान कोई गड़बड़ी होने पर चीफ़ इलेक्शन कमिश्नर को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी और वोट चोरी को आतंकी गतिविधियों की श्रेणी में रखा जाएगा।
3. महिलाओं को 33 प्रतिशत की जगह 55 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
4. वोट डिलीट होने पर टाइम बाउंड जांच होगी और और दोषी पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
5. और पांचवा पॉइंट है - लेजी , ऑनलाइन कॉकरोच जेनरेशन की एनर्जी को वोटर एजुकेशन और लोकल बॉडी पॉलिटिक्स में चैनेलाइज करना।
सीजेपी की मेंबरशिप पूरी तरह से निःशुल्क होगी।
बीते दिन यानि 6 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था जिसमें पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी शामिल हुए थे।




