भारत के लिए राहत की खबर! अमेरिका में रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े विधेयक का संशोधित संस्करण पेश किया गया है, जिसमें भारत और चीन जैसे देशों पर रूसी तेल और गैस आयात को लेकर प्रस्तावित 500% टैरिफ को घटाकर अधिकतम 100% करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस बदलाव को भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि मूल प्रस्ताव की तुलना में संभावित आर्थिक दबाव काफी कम हो सकता है।
इस नए विधेयक का उद्देश्य रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों को अपनी निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत रूस के 'शैडो फ्लीट' यानी प्रतिबंधों से बचकर तेल का परिवहन करने वाले टैंकरों, केंद्रीय बैंक और प्रमुख वित्तीय संस्थानों पर भी सख्त प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। साथ ही, जो देश रूस से प्राकृतिक गैस का सीमित आयात करते हैं और अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, उन्हें विशेष छूट भी मिल सकती है।
हालांकि, इस विधेयक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रीय हित के आधार पर इन प्रतिबंधों को पूरी तरह या आंशिक रूप से माफ करने का विशेष अधिकार देने का भी प्रावधान रखा गया है। यदि यह संशोधित विधेयक पारित होता है, तो भारत पर प्रस्तावित 500% टैरिफ का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय अमेरिकी विधायी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।




