केंद्र सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न श्री प्रणब मुखर्जी की समाधि के निर्माण को मंजूरी दे दी है। उनकी समाधि दिल्ली के राजघाट परिसर स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल में बनाई जाएगी, जहां देश के पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्रियों सहित कई राष्ट्रीय नेताओं के स्मारक मौजूद हैं। प्रणब मुखर्जी का निधन 31 अगस्त 2020 को 84 वर्ष की आयु में हुआ था और अब उनके स्मारक के निर्माण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ रही है।
सरकार के अनुसार, दिल्ली शहरी कला आयोग (DUAC) द्वारा सुझाए गए डिजाइन संशोधनों के बाद केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) ने संशोधित प्रस्ताव सौंप दिया है। अब बजट स्वीकृति और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
प्रणब मुखर्जी पश्चिम बंगाल से जुड़े पहले ऐसे राष्ट्रीय नेता होंगे, जिनकी समाधि राजघाट परिसर में बनाई जाएगी। इससे पहले भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव और अटल बिहारी वाजपेयी के स्मारकों का भी निर्माण कराया था। कांग्रेस शासनकाल में वर्ष 1999 के बाद अलग-अलग समाधियां बनाने की परंपरा पर रोक लगा दी गई थी, जिसे बाद में हटाया गया।
करीब 245 एकड़ में फैला राजघाट परिसर देश के प्रमुख राष्ट्रीय स्मारकों का केंद्र है, जिसकी शुरुआत महात्मा गांधी की समाधि से हुई थी और अब इसी परिसर में भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी की समाधि भी देश के लोकतांत्रिक इतिहास और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान की स्थायी याद के रूप में स्थापित किया जाएगा ।




