सीबीआई ने विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। मामले पर आज कोर्ट संज्ञान ले सकती है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और NTA अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है।

चार्जशीट में यश यादव, मंगीलाल बीवाल, दिनेश बीवाल, विकास बीवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंडहरे और मनीषा संजय हवलदार को आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

सीबीआई के अनुसार, मंगीलाल बीवाल ने अपने बेटे विकास के लिए NEET का प्रश्नपत्र हासिल करने के उद्देश्य से शुभम खैरनार से संपर्क किया था। जांच के दौरान मंगीलाल के मोबाइल फोन से कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्नपत्र बरामद हुआ। एजेंसी का दावा है कि मंगीलाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में प्रश्नपत्र खरीदा था। पूछताछ में विकास ने बताया कि उसकी मुलाकात यश से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी।गौरतलब है कि इस मामले में 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। अब सभी की नजर फास्ट ट्रैक कोर्ट की सुनवाई और जांच के अगले चरण पर है।