उरी के कमलकोट में नियंत्रण रेखा के पास धमाके की खबर सामने आई है इस ब्लास्ट में सेना के दो जवान शहीद हो गए हैं। मंगलवार को देर शाम पुरी के कमलकोट में एक अचानक धमाके में सेना के दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे ,जिनकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई।
शहीद जवानों की पहचान महाराष्ट्र के एरोली के रहने वाले चौहान विक्रम बालकृष्ण और महाराष्ट्र के सतारा जिले के कराड तहसील के शाहपुर के रहने वाले अर्जुन जाधव के रूप में हुई है। इस घटना में दोनों जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें इलाज के लिए श्रीनगर के बदामी बाग स्थित 92 बेस अस्पताल ले जाया गया था। जहां बाद में इलाज के दौरान यह वीरगति को प्राप्त हो गए। दोनों सैनिक आठ राष्ट्रीय राइफल्स के थे।
फिलहाल ,धमाका कैसे हुआ इसकी सटीक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर घाटी के बारामूला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों में 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा है। जबकि जम्मू संभाग में नियंत्रण रेखा पर पूँछ, राजौरी और कुछ हद तक जम्मू जिले में है। इसके अलावा इसके केंद्र शासित प्रदेश की 240 किलोमीटर लंबी इंटरनेशनल बॉर्डर है जो जम्मू डिवीजन के सांबा, जम्मू और कठुआ जिलों से होकर गुजरती है।
आपको बता दें कि नियंत्रण रेखा की सुरक्षा भारतीय सेना करती है, जबकि इंटरनेशनल बॉर्डर की सुरक्षा बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स यानी कि बीएसएफ करती है। घुसपैठियों को बाहर निकालने की कोशिश, तस्करी और सीमा पार से होने वाली ड्रोन गतिविधियों को
भारतीय सीमा में ड्रोन के खतरे को रोकने के लिए एल ओ सी और इंटरनेशनल बॉर्डर पर हाईटेक एंटी ड्रोन उपकरण लगाए गए हैं। आतंकवादी संगठन पाकिस्तानी फोर्स की मदद से इन ड्रोनों का इस्तेमाल हथियार, गोला बारूद और ड्रग्स को भारतीय सीमा में प्रवेश कराने के लिए करते हैं। इन सामानों को भारतीय सीमा में प्रवेश करवा कर जम्मू कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों तक पहुंचाया जाता है ताकि भारत में आतंकवादी गतिविधियों को जारी रखा जा सके। बरहाल इस घटना के बाद एलओसी पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पूरी क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
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