अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए अंतरिम समझौते को खत्म बताते हुए कहा कि अब ईरान के साथ कोई डील करना "समय की बर्बादी" है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत जारी रहेगी, लेकिन मौजूदा सीजफायर व्यवस्था तत्काल समाप्त हो चुकी है। डोनाल्ड 

ट्रंप ने तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह ईरान के साथ किसी भी तरह का लेन-देन नहीं करना चाहते। उन्होंने मौजूदा ईरानी सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके साथ समझौता करना बेकार है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच हुआ 60 दिनों का अंतरिम युद्धविराम समझौता स्थायी समाधान की उम्मीद के साथ लागू किया गया था। हालांकि, कतर में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई और इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर दोबारा हमले भी किए।

इसी बीच अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने की अनुमति देने वाला विशेष लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। पहले यह लाइसेंस 21 अगस्त तक वैध था, लेकिन अब इसे वापस लेते हुए ईरान से जुड़े लेन-देन को समाप्त करने के लिए 17 जुलाई तक की समयसीमा तय की गई है।

यह घटनाक्रम अमेरिका-ईरान संबंधों में बढ़ते तनाव का संकेत माना जा रहा है और आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति पर इसका असर पड़ सकता है।